बहुत कुछ है हुमारे तुम्हारे बीच....


बहुत कुछ है हमारे तुम्हारे बीच !

कही अनकही कितनी बातें हैं...
कितने अधूरे सफर हैं 
और कितनी काली रातें है
बहुत कुछ है.... हमारे तुम्हारे बीच..

एक लंबा इंतज़ार है... 
एक साथ है तुम्हारा... 
तेरे होने का एहसास है ॥

हमारे तुम्हारे बीच...

सारा जग है अब...

Comments

Popular posts from this blog

किसी को दिखता नहीं, इसका मतलब ये तो नहीं कि मैं हूँ ही नहीं!

Taar nukiley hotey hain

घूर के देखता हैं चाँद